एम्प्लायर का हिंदी अर्थ होता है नियोक्ता अथार्थ नियुक्त करने वाला । जो व्यक्ति लोगो को उनकी योग्यता अनुसार कार्य प्रदान करते है नियोक्ता कहलाते है । वैसे तो नियुक्त करने के कई प्रकार होते है लेकिन हमारे शब्द एम्प्लायर यानि नियोक्ता का अर्थ है की नियोक्ता व्यक्ति को उनकी योग्यता और उसकी जरुरत अनुसार काम देता है उसे नियोक्ता कहते है।



Employer Word in Hindi with All Tips :


नियोक्ता व्यक्ति को उसकी योग्यता एवं कार्य के अनुसार उसकी कीमत प्रदान करता है जो व्यक्ति नियोक्ता की वशिष्टता के अनुरूप होते है उनका चयन कर लिया जाता है सही काम के लिए सही व्यक्ति को चुनने के लिए नियोक्ता में योग्यता होनी आवश्यक है जिससे वो सही व्यक्ति का चुनाव कर सके सही व्यक्ति का चुनाव करने के लिए नियोक्ता में निम्नलिखित गुण होना आवश्यक है जैसे :-

१ नियोक्ता में शारीरिक गुण जैसे वो स्वस्थ होना चाहिए उसकी ऊचाई दृष्टि आदि अच्छी होनी चाहिए ।

२ . नियुक्ता व्यक्तिगत अच्छा होना चाहिए क्योकि व्यक्ति के रहें सेहेन से सामने वाला प्रभावित होता है ।

३ . उसमे बातचीत करने रहने आदि के तौर तरीके होना चाहिए एवं योग्यताएँ तथा अनुभव होना आवयश्क हैं ।

४ . नियोक्ता में कार्य करने की क्षमता और सिखने की इच्छा होना आवश्यक है उसमे काम करने की लगन होनी चाहिए ।

५ . नियोक्ता में भावनात्मक, नैतिक तथा सामाजिक गुण, ईमानदारी, स्वामीभक्ति आदि भारी मात्रा होना जरुरी है । उसमे बुद्धिमत्ता और दक्षता के साथ साथ ईमानदारी और विश्वास होना चाहिए यह गुण का नियोक्ता में होना बहुत ही आवश्यक है ।

इससे व्यक्ति के चरित्र उसकी काम की आदतें और काम करने का उसका तरीका कार्य करने के लिए उसकी योग्यता उसकी स्थिति उसकी काम करने की क्षमता आदि जानने के लिए जरुरु होता है ।

6. बिना रुचि के काम नीरस हो जाता है इसलिए नियोक्ता में काम करने की रूचि का होना जरुरी होता है । रुचि के साथ काम व्यक्ति को सार्थक जाना जाता है तथा इससे उसकी योग्यताएँ विकसित हो जाती हैं साथ ही अभिप्राप्तियाँ प्राप्त कर ली जाती हैं ।

What is the Means of Employer in Hindi Uses : 


यदि एक व्यक्ति में चातुर्य होता है तथा दक्षता होती है लेकिन यदि उसकी काम में रुचि नहीं होती है तो वह अपने काम में खुशी अनुभव नहीं करेगा ।

नियोक्ता द्वारा मानव शक्ति का चुनाव करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी का काम होता है जिसने वर्तमान में हो रही क्रिया की आवश्यकता होती है नियोक्ता को अपना कार्य अच्छे से निभाना आवश्यक है क्योकि अगर वो किसी काम के लिए गलत व्यक्ति को चुन लेगा तो उसका प्रभाव उसके काम पर बहुत अधिक पड़ेगा। 

मानव-शक्ति के नियोजक के लिये उसके विचारो और निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए चाहे कितना भी कठिन काम क्यों न हो नियोक्ता को अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए में मार्गदर्शन करते रहना हैं नियोक्ता में यह खूबी होना चाहिए की वो सबको एकजुट करके रखे सभी लोग एक सगठन की तरह काम करे।

जब कभी मानव शक्ति की आवश्यकता पड़ती है तो नियोक्ता नए लोगो की भर्ती करता है और उसके लिए नयी नयी योजनाए बनता है, जिससे न केवल लागत मूल्य ही बढ़ता है, बल्कि न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति भी नहीं हो पाती ।

मानव शक्ति की भावी योजनाएँ न बनाकर केवल आवश्यकता पड़ने पर ही योजना तैयार करने से कमियों का होना निश्चित हो जाता है । नियोजन को एक लेना सरल प्रक्रिया समझ लेना नियोक्ता की सबसे बड़ी भूल हो सकती है।

नियोक्ता को कई प्रकार के परिक्षण और जाचे करनी पड़ती है जिसका नियुक्त करने की प्रक्रिया में बहुत अधिक महत्व होता है । परीक्षण द्वारा कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक योग्यता की जाँच की जा सकती है ।नियोक्ता परीक्षण करने में समर्थ होना चाहिए। मानव शक्ति स्रोत का क्षमतापूर्ण उपयोग करने के गुण नियोक्ता में होने चाहिए आने वाले समय में व्यावसायिक जगत की सफलता के लिए महत्वपूर्ण निर्णायक कार्य करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नियोक्ता की होती है ।

नियोक्ता का काम जिम्मेदारी का काम होता है अगर नियोक्ता अपने काम में जरा सी भी ढील देगा तो उसका पूरा बिसनेस चौपट हो सकता है। सभी पर नियंत्रण बना कर रखना और सभी से एकजुटता से काम करना नियोक्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है नियोक्ता द्वारा मानव शक्ति का चुनाव करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी का काम होता है नियुक्त करने की प्रक्रिया में बहुत अधिक महत्व होता है। 

नियोक्ता में होने चाहिए. आने वाले समय में व्यावसायिक जगत की सफलता के लिए महत्वपूर्ण निर्णायक कार्य करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नियोक्ता की होती है इसलिए यह जरुरी हैकी नियोक्ता यानि नियुक्त करने वाला व्यक्ति योग्य कुशल अच्छे स्वभाव का हो।

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